मूला नक्षत्र

मूला नक्षत्र

image

1) 19वॉ नक्षत्र

2) अंग्रेजी नाम- Lemda Scorpii

3)नक्षत्र स्थिती –  0 डिग्री धनु राशी से 13 डिग्री 20 मिनट धनु राशी तक

4) राशि स्वामी – बृहस्पति

5)विशोंतरी दशा स्वामी – केतु

6)देवता – देवी निरिती/अलक्ष्मी या देवी महाकाली

7)प्रतीक –  जड़ों का गुच्छा जो एक साथ गुथें  हुए हो

8)वर्ण – कसाई लेकिन कुण्डली मिलान में क्षत्रिय

9)वश्य – द्विपद (मानव)

10)गण – दानव

11) योनि- श्वान

12)योनि वैर –  मृग

13) नाड़ी-आदि

14) गतिविधि- सक्रिय

15)प्रकृति– सृष्टि

16) प्रकृति- तीक्ष्ण

17) गुण -तामसिक (तमो)

18) दिशा – नीचे की ओर

19) लिंग – नपुंसक

20) दोष- वात्त

21) तत्व – वायु

22)वर्ण – ये, यो, भा,भी

23)शुभ कलर- भूरेपन लिए हुए पीला रंग

24)सबसे विनाशकारी नक्षत्र – चित्रा

25) सबसे सहज नक्षत्र – आद्रा

26)सबसे असहज नक्षत्र – अनुराधा, ज्येष्ठा

27) विपत्त नक्षत्र – सूर्य द्वारा शासित नक्षत्र – उत्तराषाढ़, कृतिका, उत्तरफाल्गुणी

28)प्रत्यारी नक्षत्र  – मंगल ग्रह द्वारा शासित नक्षत्र – धनिष्ठा,मृगशिरा, चित्रा

29) बाधा नक्षत्र – गुरु द्वारा शासित नक्षत्र –  पूर्वभाद्रपद, पुनर्वसु, विशाखा

30) मित्र नक्षत्र – शनि और बुध द्वारा शासित नक्षत्र – उत्तरभद्रापद, रेवती, पुष्य, अश्लेषा, अनुराधा, ज्येष्ठा

31)व्यवहार – नक्षत्र का प्रतीक जड़ या मूल है जो दर्शाते है कि वे किसी भी तथ्य के आखिरी जड़ या मूल को खोजने वाले होते है। वे छिपे हुए तथ्यों के बारे में चिंतनकर्ता या शोधकर्ता होते है। मूला जातक गुप्त तथ्यो के बारे मे चिंतित रहने वाले होते है।
राशी स्वामी बृहस्पति है और केतु द्वारा शासित नक्षत्र है अतः वे सच्चाई पसंद होते है (कुछ समय तो वे अतिसत्यवादी होते हैजिससे लोगों को ठेस पहुँचाने वाले हो सकते है)। वे धार्मिक,  आध्यात्मिक और भौतिकवादिता दोनों  ओर झुकाव वाले , दोहरी प्रकृति, प्रतिबद्धता के प्रति हठ, फिक्स्ड राय वाले और तत्पर होते है। वे खुद के काम के लिए दूसरो पर दबाब डालने वाले, महत्वाकांक्षी,घमंडी़, मेहनती, बुद्धिमान, चतुर,  राजनीतिक प्रकृति के हैं।वे मित्र निर्माण मे कुशल, भाषण मे उत्तम और नरम स्वभाव के होते है पर वाणी मे अति खऱखऱ होते है।वे विलासितापूर्ण जीवन जीने वाले  और रिश्तो मे अस्थिरता या चंचलता वाले होते है।

32) पेशा – सलाहकार, स्वव्यवसाय/ स्वरोजगार, अनुसंधान, विज्ञान, धार्मिक काम, लेखक, आध्यात्मिक शिक्षक, वकील, राजनीति, डॉक्टरों, फार्मा, अन्वेषक। लेकिन वे प्रकृति में नौकरी/व्यवसाय परिवर्तक होते है।

33)मूला नक्षत्र हमारी आकाशगंगा मिल्कीवे का केंद्र है।
हिन्दी मे पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *