योनि मिलान विधी – कुण्डली मिलान भाग 8

              योनि मिलान विधी
           कुण्डली मिलान भाग 8

पिछले अंक मे हमने योनि मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की।
योनि गुण मिलान  को कुल 4अंक आवंटित किया जाता है।

योनि मिलान में हम  5भाग में विभाजित करते है। और नीचे दिये गये सारणी के अनुसार अंक आंवटित करते है।

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1)समान योनि – वर और कन्या की एक ही योनि हो तो यह सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह शारीरिक संबंधो के लिए भी उत्तम होता है। इसलिए 4 अंक मिलान में आवंटित किया जाता है।

2) मित्र योनि – जब वर और कन्या के योनि एक दूसरे के मित्र हो तो 3अंक आबंटित किया जाता है। मित्र योनि होने स आपस मेे रिश्ता अच्छा होता है।

3) तटस्थ योनि – जब वर और कन्या के योनि आपस मे तटस्थ हो तो यह औसत विचार किया जाता है और 2 अंक आवंटित किया जाता है। यह आपस मे ठीक ठाक संबधो का संकेत देता है।

4) विपरीत योनि – जब वर और कन्या के योनि एक दुसरे से विपरीत स्वाभव के हो तो यह आपस मे एक दूसरे से संबंध बनाने में कठनाई का संकेत देता है।और आपसी संबधो मे तालमेल का अभाव दर्शाते है ।इसप्रकार के आबंटन 1 अंक आंवटित किया जाता है।

5) शत्रु योनि – जब वर और कन्या के योनि एक दूसरे के शत्रु हो तो यह हैं आपसी संबधो के लिए यह बहुत बुरा माना जाता है और इस प्रकार के रिश्ते को जीवन में समस्या और मानसिक अवसाद के कारक हो सकते है।समान्यतः वे एक से दूसरे से शादी नहीं करना चाहिएऔर इस प्रकार के मिलान को 0 अंक आवंटित किया जाता है।

अगले अंक मे हम ग्रह मैत्री मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त करेगे ।

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