कुंडली के एकादश भाव में चंद्रमा का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में चंद्रमा का प्रभाव

1)कुंडली के एकादश भाव में चंद्रमा का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम कुंडली के एकादश भाव और चंद्रमा के कारक के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

2) चंद्रमा हमारे मन का कारक होता है और यह एकादश भाव में स्थित है अतः जातक उच्च विचार वाला और अच्छी मानसिक क्षमता वाला व्यक्ति होगा। जातक प्रसन्नचित, बुद्धिमान, चतुर, बहादुर और निडर व्यक्ति होगा।

3) जातक आकर्षक व्यक्तित्व वाला व्यक्ति होगा। जातक दयालु और उत्तम व्यवहार वाला व्यक्ति होगा। जातक शांति प्रिय होगा।

4) एकादश भाव लाभ का भाव होता है। चंद्रमा एकादश भाव में अवस्थित होकर जातक को धनी और समृद्ध व्यक्ति बताता है । जातक एक से ज्यादा स्रोत से धन कमा सकता है । जातक सरकारी संस्था से लाभ प्राप्त करेगा । जातक विदेश से धन कमाएगा । जातक अपने व्यापार में लाभ अर्जित करेगा। चंद्रमा एक स्त्री कारक ग्रह है अतः जातक को स्त्रियों से लाभ प्राप्त होगा । जातक जमीन और खेती से लाभ प्राप्त करेगा।

5) एकादश भाव फ्रेंड सर्किल से संबंधित होता है। चंद्रमा एकादश भाव में यह संकेत देता है कि जातक की बहुत सारी स्त्री मित्र होंगे। जातक के मित्र हमेशा उनकी जातक की सहायता करने को तत्पर होंगे। लेकिन जातक की मित्रता हमेशा अस्थाई होगी । जातक उच्च पद पर आसीन व्यक्तियों से मित्रता रखेगा। जातक उत्तम और खास व्यक्तियों से मित्रता रखेगा।

6) एकादश भाव में स्थित चंद्रमा जातक को उत्तम प्रसिद्धि देता है। जातक और उच्च पद को प्राप्त करता है। जातक प्रमोशन प्राप्त करता है। जातक अपने आकर्षक व्यक्तित्व के कारण लाभ कमाने में सफल होता है। जातक को सांसारिक सुख प्राप्त होता है।

7)एकादश भाव में स्थित चंद्रमा जातक की कुंडली के पंचम भाव में पूर्ण दृष्टि डालता है संतान के लिए अच्छा माना जा सकता है जातक को कहीं संतान होंगे और जातक को बच्चों के प्रति लगावअच्छा होगा।

8) उत्तम स्थिति में अवस्थित चंद्रमा एकादश भाव में जातक को दीर्घायु बनाता है। लेकिन यदि पीड़ित चंद्रमा एकादश भाव में स्थित हो तो जातक को स्वास्थ्य से संबंधित समस्या का सामना करना पड़ता है।

9) एकादश भाव बड़े भाई से संबंधित होता है, चंद्रमा एकादश भाव में स्थित होने के कारण जातक अपने अग्रज के साथ उत्तम स्नेह रखने वाला व्यक्ति होगा। जातक अपने परिवार का कर्ता या मुख्य व्यक्ति होगा। एकादश भाव में स्थित चंद्रमा जातक को विश्वासी और निपुण बनाता है। जातक ललित कला और आर्ट एंड लिटरेचर में रुचि रखने वाला व्यक्ति होगा।

10) पीड़ित अवस्था में स्थित चंद्रमा एकादश भाव में माता के लिए अरिष्ट कारक होता है ।जातक के माता को स्वास्थ्य से संबंधित समस्या हो सकती है।

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