शनि देव दुर्भाग्य के स्वामी

           शनि देव 1) ग्रहो के राजदरबार मे स्थान – कर्मचारी, शनि  हमारे कर्मो का न्यायधिश हैं । 2) ऱाशीआधिपत्य -मकर  और कुंभ राशि 3)दृष्टि- स्वयं से  7वां औंर स्वयं से 3rd औंर 10th भाव 4) उच्च राशी – तुला (तुला) राशि तथा उच्चतम डिग्री 20 डिग्री 5) नीच राशी – मेष  राशि और नीचतम डिग्री 20 डिग्री 6) मूलत्रिकोना राशि 0 से 20 डिग्री तक कुंभ राशी में 7) तत्व – वायु तत्व 8) वर्ण (जाति) – शुद्र 9)वश्य – आकाश मे विचरण करने वाले जीव 10) श्रेणी – धातु (खनिज, अकार्बनिक पदार्थ) 11)नीति -भेद नीति 12) प्रकृति- स्वाभाविक […]

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