कुंडली के द्वादश भाव में तृतीयेश का प्रभाव

कुंडली के द्वादश भाव में तृतीयेश का प्रभाव 1) कुंडली के द्वादश भाव में तृतीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम तृतीय भाव और द्वादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। तृतीय भाव का स्वामी स्वयं के भाव से दशम स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का दशम भाव में क्या फल होगा, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) तृतीय भाव स्वंय की क्षमता और आत्मविश्वास से संबंधित होता है। तृतीय भाव का स्वामी द्वादश भाव में स्थित हो, तब जातक में आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। जातक को […]

» Read more