कुंडली के चतुर्थ भाव में तृतीयेश का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में तृतीयेश का प्रभाव 1) कुंडली के चतुर्थ भाव में तृतीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और तृतीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। तृतीय भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वितीय स्थान में स्थित है। अतः हम प्रथम भाव के स्वामी का द्वितीय भाव में क्या फल होता है, इसकी भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव सुख का भाव होता है। जब तृतीय भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में स्थित हो तब हम कह सकते हैं कि जातक स्वंय की मेहनत के बदौलत सुख-सुविधा के […]

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