कुंडली के अष्टम भाव में तृतीयेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में तृतीयेश का प्रभाव 1) कुंडली के अष्टम भाव में तृतीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और तृतीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। तृतीय भाव का स्वामी स्वयं के भाव से छठे स्थान में है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का छठे भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) तृतीय भाव और अष्टम भाव एक दूसरे से षडाष्टक हैं। तृतीय भाव का स्वामी अष्टम भाव में शुभ नहीं माना जा सकता है। यह बहुत सारे नकारात्मक प्रभाव देने में […]

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