कुंडली के चतुर्थ भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के चतुर्थ भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का प्रथम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारकों में वृद्धि संभावित होती है। चतुर्थ भाव सुख का कारक होता है, हम कर सकते हैं कि जातक को उत्तम सुख […]

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