कुंडली के छठे भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के छठे भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के छठे भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और छठे भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का तृतीय भाव में क्या फल होता है हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव सुख का भाव होता है। छठा भाव जीवन में आने वाली बाधाओं का कारक होता है। यदि चौथे भाव का स्वामी छठे भाव में स्थित हो तब जातक […]

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