कुंडली के अष्टम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के अष्टम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और अष्टम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव सुख का कारक होता है। अष्टम भाव मृत्यु का कारक होता है। यदि चतुर्थ भाव का स्वामी अष्टम भाव में स्थित हो तब यह जातक के लिए शुभ […]

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