कुंडली के तृतीय भाव में षष्ठेश का प्रभाव

कुंडली के तृतीय भाव में षष्ठेश का प्रभाव 1)कुंडली के तृतीय भाव में षष्ठेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और छठे भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। छठे भाव का स्वामी स्वयं के भाव से दशम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का दशम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) तृतीय भाव खुद की क्षमता और साहस से संबंधित होता है। छठा भाव भय और शत्रु से संबंधित होता है। यदि किसी भी भाव का स्वामी स्वंय के भाव से […]

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