कुंडली के अष्टम भाव में दशमेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में दशमेश का प्रभाव 1)कुंडली के अष्टम भाव में दशमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। अष्टम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का तृतीय भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) अष्टम भाव और दशम भाव एक दूसरे से त्रि एकादश संबंध बनाते हैं। त्रि एकादश संबंध शुभ संबंध माना जाता है, लेकिन अष्टम भाव एक दु:स्थान है। अतः […]

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