कुंडली के द्वादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव

कुंडली के द्वादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव 1)कुंडली के द्वादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और द्वादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। अष्टम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) अष्टम भाव का स्वामी व्यय भाव में स्थित है, अतः यह आयु की हानि का कारक हो सकता है। अष्टम भाव का स्वामी लग्न से भी द्वादश है, यह जातक […]

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