कुंडली के तृतीय भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के तृतीय भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के तृतीय भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से सप्तम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का सप्तम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) नवम भाव का स्वामी तृतीय भाव में स्थित होकर समसप्तक संबंध स्थापित करता है, जो कि एक उत्तम संबंध नहीं माना जाता है। लेकिन नवम भाव का स्वामी […]

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