कुंडली के षष्टम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के षष्टम भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के छठे भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम छठे भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से दशम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का दशम भाव में क्या फल होगा, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) नवम भाव और छठा भाव एक दूसरे से चतुर्थ और दशम होते हैं अर्थात चतुर्थ – दशम का संबंध स्थापित करते हैं जो कि एक उत्तम संबंध माना जाता […]

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