कुंडली के द्वादश भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के द्वादश भाव में केतु का प्रभाव 1)कुंडली के द्वादश भाव में केतु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम द्वादश भाव और केतु के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)द्वादश भाव में स्थित केतु के कारण जातक को नेत्र से संबंधित समस्या संभावित होती है। द्वादश भाव में स्थित केतु के कारण जातक अस्थिर प्रवृत्ति का व्यक्ति होता है। जातक का मन शांत नहीं होता है। जातक के मन में तरह-तरह के फिजूल के विचार या भय व्याप्त होते हैं, जिसके कारण जातक मानसिक शांति का अनुभव नहीं करता है। जातक छोटी-छोटी बातों पर पैनिक […]

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कुंडली के द्वादश भाव में सूर्य का प्रभाव

कुंडली के द्वादश भाव में सूर्य का प्रभाव 1)कुंडली के द्वादश भाव में सूर्य के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम हम सूर्य और द्वादश भाव के कारक के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वादश भाव में सूर्य जातक को प्रसिद्ध और भाग्यशाली बनाता है। जातक की प्रसिद्धि जन्म स्थान से दूर के स्थलों में भी हो सकती है। 3) सूर्य पिता का कारक ग्रह है और यह द्वादश भाव में विराजमान है, अतः जातक का अपने पिता के साथ मतभेद या मत भी नेता या अलगाव की स्थिति बन सकती है। सूर्य द्वादश भाव में यदि उत्तम स्थिति […]

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