कुंडली के द्वितीय भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में केतु का प्रभाव 1)कुंडली के द्वितीय भाव में केतु के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम हम केतु और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव में स्थित केतू के कारण जातक रुखा वचन बोलने वाला हो सकता है। जातक किसी भी व्यक्ति के अंदरूनी सच्चाई को अपने रुखे और अप्रिय तरीके से उजागर कर देता है। जातक कड़वी सच्चाई को भी बताने में जरा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाता है। द्वितीय भाव में स्थित केतु के कारण जातक दूसरे की गलतियों को बताने में जरा भी समय नहीं […]

» Read more
1 2