नाड़ी मिलान कुण्डली मिलान भाग 12

नाड़ी मिलान     कुण्डली मिलान भाग 12 पिछले अंक मे हमने भूकूट मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। नाडी मिलान कुण्डली मिलान की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण मिलान माना जाता है।इसे कुण्डली मिलान मे 8अंक आवंटित किया जाता है।संतान उत्पत्ति और स्वास्थ्य इस मिलान का मुख्य उद्देश्य है। यह माना जाता है कि एक नाड़ी वाले वर और कन्या के विवाह से संतान उत्पत्ति मे समस्या़ और संतान के स्वास्थय से संबंधित शिकायत हो सकती है। नाड़ी मिलान विधी जन्म नक्षत्र के आधार पर नाड़ी को 3 भाग मे  बांटा गया है। 1) आदि नाड़ी  –  जन्मनक्षत्र– अश्विनी, आद्रा, […]

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गण मिलान कुण्डली मिलान भाग – 10

              गण गुण मिलान           कुण्डली मिलान भाग – 10 पिछले अंक मे हमने ग्रह मेेैत्री मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। गण मिलान को कुण्डली मिलान 6 अंक आवंटित किया जाता है। गण मिलान एक दूसरे के स्वभाव और व्यावहारिक चरित्र मिलान के लिए किया जाता है। मेरा मतलब एक – दूसरे के बारे में टेम्पर पर नियंत्रण करने के लिए। इसके लिए हमारे प्राचीन महर्षियों ने नक्षत्र विशेष मे चंद्रमा की स्थिती के अनुसार जातक के व्यवहार के हिसाब से वहाँ व्यवहार के अनुसार 27 नक्षत्र को  3 भाग में विभाजित किया है। 1) देव गण – […]

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ग्रह मैत्री मिलान – कुण्डली मिलान भाग – 9

               ग्रह मैत्री गुण मिलान            कुण्डली मिलान भाग – 9 पिछले अंक मे हमने योनि मिलान की विधी की जानकारी प्राप्त की। ग्रह मेेैत्री गुण मिलान मे हम ग्रहो की प्राकृतिक मित्रता का मिलान करते है।चंद्रमा जब राशी विशेष मे हो तो उस राशी के स्वामी का चंद्रमा पर विशेष प्रभाव होता है।और जातक के मन पर ग्रह विशेष का प्रभाव होने से उसके आहार – व्यवहार पर भी उस ग्रह का प्रभाव होता है।  पहले हम हर राशि के स्वामी के बारे मे जानकारी लेते है 1) मेष राशि स्वामी मंगल ग्रह है । 2) वृष राशि स्वामी […]

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योनि मिलान विधी – कुण्डली मिलान भाग 8

              योनि मिलान विधी            कुण्डली मिलान भाग 8 पिछले अंक मे हमने योनि मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। योनि गुण मिलान  को कुल 4अंक आवंटित किया जाता है। योनि मिलान में हम  5भाग में विभाजित करते है। और नीचे दिये गये सारणी के अनुसार अंक आंवटित करते है। 1)समान योनि – वर और कन्या की एक ही योनि हो तो यह सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह शारीरिक संबंधो के लिए भी उत्तम होता है। इसलिए 4 अंक मिलान में आवंटित किया जाता है। 2) मित्र योनि – जब वर और कन्या के योनि […]

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योनि मिलान – कुण्डली मिलान भाग – 7

                योनि मिलान         कुण्डली मिलान भाग – 7 पिछले अंक मे हमने तारा मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। कुण्डली में हम योनि मिलान शारीरिक संबधो मे सहजता के संतुलन के लिए करते है। विवाह मे एक दुसरे के प्रति शारीरिक व्यवहार का संतुलन महत्वपूर्ण है। योनि मिलान द्वारा हम वैवाहिक संतुष्टी आकलन करते है । हमारे प्राचीन महान महर्षि द्वारा जातक के जन्मनक्षत्र के अनुसार जातक की संभावित यौन व्यवहार के अनुसार14 प्रकार में विभाजित किया गया है जो इस प्रकार है 1)अश्व — अश्विनी, शतभिषा जन्मनक्षत्र वाले 2) गज — भरणी, रेवती जन्मनक्षत्र 3) मेष […]

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तारा मिलान — कुण्डली मिलान भाग – 5

हम तारा मिलान क्यो करते है कुण्डली मिलान भाग – 5 पिछले अंक मे हमने वश्य मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। तारा मिलान अष्टकूट मिलान की तृतीय कूट मिलान है। तारा मिलान मे हम जातक और जातिका के जन्मनक्षत्र की आपस मे सहजता का मिलान करते है। जैसा कि हम सभी जानते है जन्मकुंडली मे चंद्रमा जिस नक्षत्र विशेष मे अवस्थित होता है वह नक्षत्र विशेष जातक का जन्म नक्षत्र होता है। जातक के जन्म नक्षत्र का जीवन मे गहरा प्रभाव होता है। जातक के जन्म नक्षत्र व्यवहार, जीवन शैली, विशोंतरी दशा का संकेत देते है। विवाह मे […]

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कुण्डली मिलान की अष्टकूट विधी

    कुण्डली मिलान की अष्टकूट विधी     कुण्डली मिलान भाग – 2 पिछले अंक मे हमने जानकारी प्राप्त किया कि हम कुण्डली क्यों मिलाते है। 1)वर्ण मिलान – कुण्डली मिलान मे प्रथम कूट मिलान है वर्ण मिलान । वर्ण मिलान से हम जातक की मानसिक व्यवहार का मिलान करते है। 2) वश्य मिलान –  कुण्डली मिलान की द्वितीय कूट मिलान है वश्य मिलान । वश्य मिलान से हम जातक की शारीरिक व्यवहार का मिलान करते है। 3)तारा मिलान  –  तृतीय कूट मिलान है तारा मिलान।हम तारा मिलान मे जातक और जातिका की जन्म नक्षत्र की आपस मे संबधो का मिलान […]

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