योनि मिलान – कुण्डली मिलान भाग – 7

                योनि मिलान         कुण्डली मिलान भाग – 7 पिछले अंक मे हमने तारा मिलान के बारे मे जानकारी प्राप्त की। कुण्डली में हम योनि मिलान शारीरिक संबधो मे सहजता के संतुलन के लिए करते है। विवाह मे एक दुसरे के प्रति शारीरिक व्यवहार का संतुलन महत्वपूर्ण है। योनि मिलान द्वारा हम वैवाहिक संतुष्टी आकलन करते है । हमारे प्राचीन महान महर्षि द्वारा जातक के जन्मनक्षत्र के अनुसार जातक की संभावित यौन व्यवहार के अनुसार14 प्रकार में विभाजित किया गया है जो इस प्रकार है 1)अश्व — अश्विनी, शतभिषा जन्मनक्षत्र वाले 2) गज — भरणी, रेवती जन्मनक्षत्र 3) मेष […]

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