कुंडली के चतुर्थ भाव में गुरु का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में गुरु का प्रभाव 1) कुंडली के चतुर्थ भाव में गुरु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और गुरु के कारक के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव सुख स्थान होता है और गुरु सुख का कारक ग्रह है। अतः चतुर्थ भाव में स्थित गुरु जातक को उत्तम सुख और सुविधा प्रदान करता है। जातक जीवन में उत्तम और आराम से जिंदगी व्यतीत करेगा। जैसा कि हम जानते हैं कि काल पुरुष की कुंडली में चतुर्थ भाव में गुरु उच्च का होता है। अतः चतुर्थ भाव में स्थित गुरु जातक की […]

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कुंडली के प्रथम भाव में मंगल का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में मंगल का प्रभाव 1)कुंडली के प्रथम भाव में मंगल का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम मंगल और प्रथम भाव के कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) मंगल एक शुष्क ग्रह है अतः प्रथम भाव में अवस्थित मंगल जातक को दुबला पतला शारीरिक बनावट बाला बनाता है, लेकिन आदमी दुबला पतला होता हुआ अभी शारीरिक संरचना कसरती बॉडी के समान होगी। 3) प्रथम भाव में अवस्थित मंगल जातक को उत्तम शारीरिक क्षमता देता है। जातक साफ सुथरा और रक्त के समान लालिमा युक्त रूप वाला व्यक्ति बनाता है जातक देखने में आकर्षक और […]

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