कुंडली के तृतीय भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के तृतीय भाव में राहु का प्रभाव 1) कुंडली के तृतीय भाव में राहु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम राहु और तृतीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) तृतीय भाव जातक की क्षमता का कारक भाव होता है। राहु एंपलीफायर एजेंट के रूप में कार्य करता है। अतः तृतीय भाव में स्थित होकर राहु जातक को क्षमता को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है। अतः जातक शेर के समान बहादुर व्यक्ति होगा। यदि तृतीय भाव में राहु पीड़ित हो तब जातक सिर्फ दिखावे के लिए बहादुर व्यक्ति होगा अर्थात जातक की अंदरूनी शक्ति […]

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