कुंडली के सप्तम भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में राहु का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में राहु के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम राहु और सप्तम भाव से नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव को विवाह स्थान माना जाता है जब राहु सप्तम भाव में हो तब जातक के विवाह के समय कुछ घटनाएं या किसी प्रकार का अननेसेसरी ड्रामा या नाटक हो सकता है। 3)सप्तम भाव में स्थित राहु के कारण जातक का जीवन साथी जातक के जाति या संस्कार से भिन्न जाति या संस्कार का हो सकता है। जातक का जीवन साथी विदेशी हो सकता […]

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