कुंडली के अष्टम भाव में शनि का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में शनि का प्रभाव 1)कुंडली के अष्टम भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और शनि के कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) अष्टम भाव को आयु स्थान माना जाता है और शनि आयु का कारक ग्रह है। अष्टम भाव में स्थित शनि जातक को दीर्घायु बनाता है, लेकिन अष्टम भाव में स्थित शनि जातक को लंबी चलने वाली बीमारी भी देता है। अष्टम भाव में स्थित शनि यदि उत्तम स्थिति में हो तब बुरे प्रभाव कम होते हैं। 3) अष्टम भाव में स्थित शनि जातक को पाइल्स की […]

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