कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य का प्रभाव 1) सूर्य के द्वितीय भाव में प्रभाव जानने के पहले आप एक बार सूर्य और द्वितीय भाव के कार्यक्रम के बारे में जानकारी जरूर प्राप्त कर ले । 2)सूर्य द्वितीय भाव में हमारी वाणी हमारे चेहरे और हमारे संचित धन और परिवार या फैमिली  पर प्रभाव डालता है । 3)सूर्य एक नैसर्गिक क्रूर ग्रह है और ज्योतिष के शास्त्रों के अनुसार सूर्य में सूर्य द्वितीय भाव में अच्छा नहीं माना जाता है । यह हमारी वाणी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है । सूर्य देव ग्रहों के राजा हैं अतः जातक के स्वर […]

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कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य का फल

कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य का फल 1) सूर्य के प्रथम भाव में प्रभाव को जानने से पहले हमें सूर्य और प्रथम‌ भाव के बारे में जानना होगा। 2) प्रथम भाव हमारे शारीरिक बनावट से संबंधित है। सूर्य एक शुष्क ग्रह, लाल रंग तथा अल्प केश होता है। इसलिए जब सूर्य प्रथम भाव में होता है तो जातक मूलतः दुबला पतला और लंबा देखने वाला हो सकता है। जातक के अल्प केस और शारीरिक रंग रूप में लालिमा लिए हुए हो सकता है। जातक के व्यक्तित्व में स्वभाविक रूप से नैसर्गिक चमक और चुंबकीय आकर्षण होता है। 3) प्रथम […]

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