कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य का प्रभाव 1)कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य के प्रभाव को जानने से पहले हमें सूर्य और चतुर्थ भाव के सिग्निफिकेंट को या कारकत्व को जानना चाहिए। 2) सूर्य को चतुर्थ भाव में कोई दिग्बल प्राप्त नहीं होता है अतः हम यह कह सकते हैं कि सूर्य चतुर्थ भाव में शुभ फल को कम करेगा या अपने कार्यकत्व को कमजोर करेगा। 3) चतुर्थ भाव और सूर्य दोनों हृदय के नैसर्गिक कारक हैं अतः “कारको भाव नाशाय” है इस सूत्र के अनुसार सूर्य चतुर्थ भाव में हृदय से संबंधित समस्या को दे सकता है। अतः […]

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