कुंडली के पंचम भाव में सूर्य का प्रभाव

कुंडली के पंचम भाव में सूर्य का प्रभाव 1) कुंडली के पंचम भाव में सूर्य के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम हम सूर्य और पंचम भाव के कारकत्व का अध्ययन करेंगे। 2) पंचम भाव संतान से संबंधित होता है। सूर्य पंचम भाव में संतान के संबंध में अच्छा नहीं माना जाता है, यदि सूर्य पंचम भाव में बुरी स्थिति में हो तब जातक को संतान प्राप्ति में देरी की संभावना होती है। यदि सूर्य पंचम भाव में स्थित हो तो नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं। सूर्य पंचम भाव में जातक के प्रथम संतान बहुत ही अच्छी प्रसिद्धि देता […]

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