कुंडली के द्वादश भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के द्वादश भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1) कुंडली के द्वादश भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम द्वादश भाव और चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। जैसा कि हम जानते हैं कि चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से नवम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का नवम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव और द्वादश भाव दोनों एक दूसरे से नव-पंचम संबंध बनाते हैं। नव पंचम संबंध एक अच्छा संबंध माना जाता है। अतः […]

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कुंडली के एकादश भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1) कुंडली के एकादश भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और एकादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से अष्टम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का अष्टम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करना चाहेंगे। 2)चतुर्थ भाव सुख का कारक भाव है। एकादश भाव इच्छाओं का कारक भाव है। यदि चतुर्थ भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित हो, तब जातक को सभी प्रकार […]

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कुंडली के दशम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से सप्तम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का सप्तम भाव में क्या फल होता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)चतुर्थ भाव शिक्षा से संबंधित होता है। यदि चतुर्थ भाव का स्वामी दशम भाव में स्थित हो तब जातक अपने शैक्षणिक योग्यता के बदौलत अपने प्रोफेशन में सफलता प्राप्त कर सकता है। […]

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कुंडली के नवम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के नवम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के नवम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम नवम भाव और चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से छठे स्थान में है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का छठे भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव सुख का कारक होता है, नवम भाव भाग्य का कारक होता है। यदि चतुर्थ भाव का स्वामी नवम भाव में स्थित हो, तब यह जातक के लिए बहुत ज्यादा […]

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कुंडली के अष्टम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के अष्टम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और अष्टम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव सुख का कारक होता है। अष्टम भाव मृत्यु का कारक होता है। यदि चतुर्थ भाव का स्वामी अष्टम भाव में स्थित हो तब यह जातक के लिए शुभ […]

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कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का चतुर्थ भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं से चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः भावत भावम सिद्धांत के अनुसार चतुर्थ भाव को नैसर्गिक बल प्राप्त होता अतः हम कह सकते है कि […]

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कुंडली के छठे भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के छठे भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के छठे भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और छठे भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का तृतीय भाव में क्या फल होता है हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव सुख का भाव होता है। छठा भाव जीवन में आने वाली बाधाओं का कारक होता है। यदि चौथे भाव का स्वामी छठे भाव में स्थित हो तब जातक […]

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कुंडली के पंचम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के पंचम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के पंचम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम पंचम भाव और चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे।चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वितीय स्थान में स्थित है अतः हम प्रथम भाव के स्वामी का द्वितीय भाव में क्या फल होता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव का स्वामी पंचम भाव में शुभ माना जाता है। चतुर्थ भाव और पंचम भाव एक दूसरे से द्वि- द्वादश है, परंतु यहां पर द्वि-द्वादश संबंध होने पर भी अशुभ […]

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कुंडली के चतुर्थ भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के चतुर्थ भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का प्रथम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारकों में वृद्धि संभावित होती है। चतुर्थ भाव सुख का कारक होता है, हम कर सकते हैं कि जातक को उत्तम सुख […]

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कुंडली के तृतीय भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के तृतीय भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1) कुंडली के तृतीय भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और तृतीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का द्वादश भाव में क्या फल होगा हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वादश स्थान में स्थित है। अतः यह चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के लिए शुभ नहीं माना जा सकता है। 3) चतुर्थ भाव […]

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