कुंडली के सप्तम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से का दशम भाव में स्थित है, अतः हम प्रथम भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित हो तब क्या फल होता है इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) बृहत पाराशरा होरा शास्त्र के अनुसार यदि नवम भाव का स्वामी सप्तम भाव में स्थित हो तब यह शुभ माना जाता है। परंतु वर्तमान समय के अनुभवी […]

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कुंडली के अष्टम भाव में सप्तमेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में सप्तमेश का प्रभाव 1)कुंडली के अष्टम भाव में सप्तमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। अष्टम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वादश भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का द्वादश भाव में क्या फल होता है हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) अष्टम भाव का स्वामी आयु से संबंधित होता है। सप्तम भाव मारक होता है। यदि अष्टम भाव का स्वामी सप्तम भाव में स्थित हो तब यह जातक के लिए शुभ […]

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कुंडली के सप्तम भाव में सप्तमेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में सप्तमेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में सप्तमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। सप्तम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से प्रथम भाव में स्थित है, अतः प्रभाव के स्वामी का प्रथम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव का स्वामी स्वंय के भाव में स्थित है। सप्तम भाव के नैसर्गिक गुणों में और शुभ फलों में यह बढ़ोतरी करता है। साथ ही सप्तम भाव की बुरे प्रभाव को यह कम […]

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कुंडली के छठे भाव में सप्तमेश का प्रभाव

कुंडली के छठे भाव में सप्तमेश का प्रभाव 1) कुंडली के छठे भाव में सप्तमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम छठा भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। सप्तम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वादश भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का द्वादश भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) छठा भाव सप्तम भाव से द्वादश होता है। यदि सप्तम भाव का स्वामी स्वयं से द्वादश भाव में स्थित हो तब यह द्वि द्वादश संबंध का निर्माण करता है, […]

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कुंडली के सप्तम भाव में षष्ठेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में षष्ठेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में षष्ठेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और छठे भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। छठे भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वितीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का द्वितीय भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)छठा भाव मामाजी से संबंधित होता है, सप्तम भाव पत्नी से संबंधित होता है। यदि छठा भाव का स्वामी सप्तम भाव में स्थित हो तब जातक की पत्नी जातक के मामा […]

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कुंडली के सप्तम भाव में पंचमेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में पंचमेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम पंचम भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। पंचम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का तृतीय भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) साधारणतः पंचम भाव का स्वामी सप्तम भाव में शुभ नहीं माना जाता है। काल पुरुष की कुंडली में सूर्य पंचमेश होकर सप्तम भाव में नीच का होता है। अतः हम कह […]

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कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का चतुर्थ भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं से चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः भावत भावम सिद्धांत के अनुसार चतुर्थ भाव को नैसर्गिक बल प्राप्त होता अतः हम कह सकते है कि […]

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कुंडली के सप्तम भाव में तृतीयेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में तृतीयेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में तृतीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। तृतीय भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव काम त्रिकोण होता है, तृतीय भाव भी काम त्रिकोण भाव है। अतः जातक कामुक प्रवृत्ति का व्यक्ति होता है। जातक का कैरेक्टर ढीला हो सकता है। 3) सप्तम […]

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कुंडली के सप्तम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव 1) कुंडली के सप्तम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम द्वितीय भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। द्वितीयेश स्वयं के भाव से छठे भाव में स्थित है प्रथम भाव के स्वामी का छठे भाव में क्या फल होता है हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय और सप्तम भाव मारक भाव होता है। द्वितीयेश सप्तम भाव में स्थित हो तो यह धन के मामले में अच्छा हो सकता है, परंतु स्वास्थ्य और आयु के संदर्भ में उत्तम नहीं […]

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कुंडली के सप्तम भाव में लग्नेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में लग्नेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में लग्नेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और लग्नेश के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव अन्य के साथ जातक की संबंध के बारे में जानकारी देता है। यदि लग्नेश सप्तम भाव में स्थित हो तब जातक अंतर्मुखी स्वभाव का और आप में मगन रहने वाला व्यक्ति हो सकता है। जातक खुद की बढ़ाई करने में लगा रहता है या अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना पसंद होता है। जातक हमेशा अपने आप में ही बिजी रहता है। जातक दूसरों […]

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