कुंडली के सप्तम भाव में षष्ठेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में षष्ठेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में षष्ठेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और छठे भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। छठे भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वितीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का द्वितीय भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)छठा भाव मामाजी से संबंधित होता है, सप्तम भाव पत्नी से संबंधित होता है। यदि छठा भाव का स्वामी सप्तम भाव में स्थित हो तब जातक की पत्नी जातक के मामा […]

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कुंडली के सप्तम भाव में पंचमेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में पंचमेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम पंचम भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। पंचम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का तृतीय भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) साधारणतः पंचम भाव का स्वामी सप्तम भाव में शुभ नहीं माना जाता है। काल पुरुष की कुंडली में सूर्य पंचमेश होकर सप्तम भाव में नीच का होता है। अतः हम कह […]

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कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का चतुर्थ भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं से चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः भावत भावम सिद्धांत के अनुसार चतुर्थ भाव को नैसर्गिक बल प्राप्त होता अतः हम कह सकते है कि […]

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कुंडली के सप्तम भाव में तृतीयेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में तृतीयेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में तृतीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। तृतीय भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव काम त्रिकोण होता है, तृतीय भाव भी काम त्रिकोण भाव है। अतः जातक कामुक प्रवृत्ति का व्यक्ति होता है। जातक का कैरेक्टर ढीला हो सकता है। 3) सप्तम […]

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कुंडली के सप्तम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव 1) कुंडली के सप्तम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम द्वितीय भाव और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। द्वितीयेश स्वयं के भाव से छठे भाव में स्थित है प्रथम भाव के स्वामी का छठे भाव में क्या फल होता है हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय और सप्तम भाव मारक भाव होता है। द्वितीयेश सप्तम भाव में स्थित हो तो यह धन के मामले में अच्छा हो सकता है, परंतु स्वास्थ्य और आयु के संदर्भ में उत्तम नहीं […]

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कुंडली के सप्तम भाव में लग्नेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में लग्नेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में लग्नेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और लग्नेश के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव अन्य के साथ जातक की संबंध के बारे में जानकारी देता है। यदि लग्नेश सप्तम भाव में स्थित हो तब जातक अंतर्मुखी स्वभाव का और आप में मगन रहने वाला व्यक्ति हो सकता है। जातक खुद की बढ़ाई करने में लगा रहता है या अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना पसंद होता है। जातक हमेशा अपने आप में ही बिजी रहता है। जातक दूसरों […]

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कुंडली के सप्तम भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में राहु का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में राहु के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम राहु और सप्तम भाव से नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव को विवाह स्थान माना जाता है जब राहु सप्तम भाव में हो तब जातक के विवाह के समय कुछ घटनाएं या किसी प्रकार का अननेसेसरी ड्रामा या नाटक हो सकता है। 3)सप्तम भाव में स्थित राहु के कारण जातक का जीवन साथी जातक के जाति या संस्कार से भिन्न जाति या संस्कार का हो सकता है। जातक का जीवन साथी विदेशी हो सकता […]

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कुंडली के सप्तम भाव में शनि का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में शनि का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम शनि और सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे 2) सप्तम भाव को विवाह का कारक भाव माना जाता है। शनि जब सप्तम भाव में हो तब यह वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं माना जाता है। जातक की पत्नी लोअर क्लास से संबंध रखने वाली हो सकती है। जातक की पत्नी अपने उम्र से ज्यादा उम्र की दिखने वाली हो सकती है। यदि सनी कुंडली में शुभ स्थिति में हो तब बुरे प्रभाव कम […]

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कुंडली के सप्तम भाव में शुक्र का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में शुक्र का प्रभाव 1) कुंडली के सप्तम भाव में शुक्र का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम सप्तम भाव और शुक्र के नैसर्गिक कारक के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे 2) सप्तम भाव पत्नी या पति से संबंधित होता है, शुक्र नैसर्गिक सुंदरता का कारक है। अतः सप्तम भाव में स्थित शुक्र सुंदर और आकर्षक जीवनसाथी देता है। जातक के जीवन साथी विश्वासी और राजसी स्वभाव के होंगे। जातक की पत्नी जातक से बहुत ज्यादा प्यार करेगी। 3) सप्तम भाव काम त्रिकोण है और शुक्र काम का नैसर्गिक कारक है। सप्तम भाव में स्थित शुक्र के […]

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कुंडली के सप्तम भाव में गुरु का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में गुरु का प्रभाव 1) कुंडली के सप्तम भाव में गुरु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और गुरु के कारक के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सप्तम भाव में स्थित गुरु जातक के आयु और स्वास्थ्य के लिए उत्तम माना जाता है। लेकिन ऐसी मान्यता है कि सप्तम भाव में स्थित गुरु वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं माना जाता है। 3) सप्तम भाव से गुरु जातक के लग्न पर पूर्ण दृष्टि डालता है, अतः एक नैसर्गिक शुभ ग्रह के लग्न पर दृष्टि डालना बहुत ही शुभ माना जाता है। प्रसिद्ध […]

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