कुंडली के अष्टम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में नवमेश का प्रभाव 1) कुंडली के अष्टम भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वादश भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का द्वादश भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) नवम भाव का स्वामी अष्टम भाव में स्थित होने के कारण अपने भाव से द्वि-द्वादश संबंध बनाता है जो कि शुभ संबंध नहीं माना जाता है। नवम भाव का […]

» Read more

कुंडली के सप्तम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के सप्तम भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के सप्तम भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से का दशम भाव में स्थित है, अतः हम प्रथम भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित हो तब क्या फल होता है इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) बृहत पाराशरा होरा शास्त्र के अनुसार यदि नवम भाव का स्वामी सप्तम भाव में स्थित हो तब यह शुभ माना जाता है। परंतु वर्तमान समय के अनुभवी […]

» Read more

कुंडली के षष्टम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के षष्टम भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के छठे भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम छठे भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से दशम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का दशम भाव में क्या फल होगा, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) नवम भाव और छठा भाव एक दूसरे से चतुर्थ और दशम होते हैं अर्थात चतुर्थ – दशम का संबंध स्थापित करते हैं जो कि एक उत्तम संबंध माना जाता […]

» Read more

कुंडली के पंचम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के पंचम भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के पंचम भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम पंचम भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। नवम भाव का स्वामी स्वयं से नवम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का नवम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) पंचम भाव नवम भाव से नवम है, अर्थात् नवम भाव के लिए पंचम भावत भावम भाव है। अतः नवम भाव को नैसर्गिक बल प्राप्त होता है। पंचम भाव से पंचम, नवम भाव […]

» Read more

कुंडली के चतुर्थ भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में नवमेश का प्रभाव 1) कुंडली के चतुर्थ भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम नवम भाव और चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से अष्टम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का अष्टम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) नवम भाव भाग्य स्थान होता है। चतुर्थ भाव सुख स्थान होता है। अतः चतुर्थ भाव नवम भाव से अष्टम भाव होता है, चतुर्थ और नवम भाव एक दूसरे से […]

» Read more

कुंडली के तृतीय भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के तृतीय भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के तृतीय भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से सप्तम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का सप्तम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) नवम भाव का स्वामी तृतीय भाव में स्थित होकर समसप्तक संबंध स्थापित करता है, जो कि एक उत्तम संबंध नहीं माना जाता है। लेकिन नवम भाव का स्वामी […]

» Read more

कुंडली के द्वितीय भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में नवमेश का प्रभाव 1)कुंडली के द्वितीय भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम नवम भाव और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से छठे स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का छठे भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) नवम भाव भाग्य का कारक स्थान होता है। यदि नवम भाव का स्वामी द्वितीय भाव में स्थित हो तब जातक भाग्यशाली होता है, खासकर धन के मामले में। जातक अपने […]

» Read more

कुंडली के प्रथम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में नवमेश का प्रभाव 1) कुंडली के प्रथम भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम प्रथम भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का नवम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) नवम भाव और प्रथम भाव एक दूसरे से नव पंचम संबंध स्थापित करते हैं, जो कि एक उत्तम संबंध माना जाता है। नवम भाव भाग्य का कारक […]

» Read more

कुंडली के द्वादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव

कुंडली के द्वादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव 1)कुंडली के द्वादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और द्वादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। अष्टम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) अष्टम भाव का स्वामी व्यय भाव में स्थित है, अतः यह आयु की हानि का कारक हो सकता है। अष्टम भाव का स्वामी लग्न से भी द्वादश है, यह जातक […]

» Read more

कुंडली के एकादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव

8th house lord in 12th house

कुंडली के एकादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और एकादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। अष्टम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से भाव चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में क्या फल देता है, हम प्राप्त करते हैं। 2) अष्टम भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित है, अतः स्वयं के भाव से चतुर्थ अर्थात सुख के भाव में स्थित होने के कारण जातक को आयु का सुख प्रदान होता है अर्थात […]

» Read more
1 2 3 27