कुंडली के एकादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव

8th house lord in 12th house

कुंडली के एकादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में अष्टमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और एकादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। अष्टम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से भाव चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में क्या फल देता है, हम प्राप्त करते हैं। 2) अष्टम भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित है, अतः स्वयं के भाव से चतुर्थ अर्थात सुख के भाव में स्थित होने के कारण जातक को आयु का सुख प्रदान होता है अर्थात […]

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कुंडली के एकादश भाव में सप्तमेश का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में सप्तमेश का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में सप्तमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम सप्तम भाव और एकादश भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। सप्तम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम भाव में स्थित है। अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)एकादश भाव को उपचय भाव भी माना जाता है। यदि सप्तम भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित हो तब यह सप्तम भाव के नैसर्गिक कारक में बढ़ोतरी करता है। 3)सप्तम […]

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कुंडली के एकादश भाव में षष्ठेश का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में षष्ठेश का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में षष्ठेश इसका प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम छठे भाव और एकादश भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। छठा भाव का स्वामी स्वयं के भाव से छठे स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का छठे भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) एकादश भाव छठा भाव से छठा स्थान है अतः भावत भावम सूत्र के अनुसार छठा भाव को नैसर्गिक बल की प्राप्ति होगी। साथ ही छठा भाव और एकादश भाव दोनों […]

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कुंडली के एकादश भाव में पंचमेश का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में पंचमेश का प्रभाव 1) कुंडली के एकादश भाव में पंचमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम एकादश भाव और पंचम भाव के नैसर्गिक कार्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। पंचम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से सप्तम भाव में स्थित है अतः प्रथम भाव के स्वामी का सप्तम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) पंचम भाव पिछले जन्म के पुण्य से संबंधित होता है। एकादश भाव इच्छा से संबंधित होता है। अतः जब पंचम भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित हो तब […]

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कुंडली के एकादश भाव में तृतीयेश का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में तृतीयेश का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में तृतीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और एकादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। तृतीय भाव का स्वामी स्वयं के भाव से नवम भाव में स्थित है, अतः हम प्रथम भाव के स्वामी का नवम भाव में क्या फल होता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) तृतीय भाव एक उपचय भाव है। एकादश भाव भी एक उपचय भाव है, साथ ही लाभ स्थान भी है। तृतीय भाव के स्वामी का एकादश भाव में स्थित होना तृतीय […]

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कुंडली से एकादश भाव में द्वितीयेश का प्रभाव

कुंडली से एकादश भाव में द्वितीयेश का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में द्वितीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हमम एकादश भाव और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)एकादश भाव लाभ स्थान होता है और द्वितीय भाव धन स्थान होता है। यदि द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में स्थित हो तब यह एक उत्तम धन योग का निर्माण करता है। 3) एकादश भाव उपचय भाव होता है। यदि धन के भाव का स्वामी उपचय भाव में स्थित हो तब यह धन की वृद्धि का संकेत देता है। अतः एकादश भाव में स्थित […]

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कुंडली के एकादश भाव में लग्नेश का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में लग्नेश का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में लग्नेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम एकादश भाव और प्रथम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) एकादश भाव एक उपचय भाव होता है। अतः लग्नेश एकादश भाव में स्थित हो तो लग्न और लग्नेश दोनों को नैसर्गिक बल प्राप्त होता है। यदि लग्नेश एकादश भाव में स्थित हो तब जातक दीर्घायु होगा। यदि लग्नेश एकादश भाव में कमजोर हो तो जातक को स्वास्थ्य से संबंधित समस्या हो सकती है। 3) एकादश भाव लाभ स्थान होता है। अतः एकादश भाव में […]

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कुंडली के एकादश भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में केतु का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में केतु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम केतु और एकादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)एकादश भाव एक उपचय भाव होता है। केतु एक पापी ग्रह है। ऐसी मान्यता है कि पापी ग्रह उपचय भाव में उत्तम फल देते हैं। एकादश भाव में केतु सांसारिक सुख सुविधा के लिए उत्तम माना जा सकता है। जातक उत्तम धन अर्जित करेगा, उत्तम संपत्ति अर्जित करेगा। उसकी आदत संपत्ति को जमा करने की होगी। जातक सट्टा या सट्टेबाजी जैसे शेयर मार्केट, लॉटरी, घुड़सवारी इत्यादि […]

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कुंडली के एकादश भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में राहु का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में राहु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम राहु और एकादश भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) एकादश भाव उपचय भाव होता है और ऐसा माना जाता है कि नैसर्गिक पापी ग्रह उपचय भाव में शुभ फल देते हैं। अतः राहु एकादश भाव में उत्तम माना जाता है। 3) ऐसी मान्यता है कि राहु जिस भाव में स्थित होता है उस भाव के नैसर्गिक कारकत्व को यह बढ़ा देता है, खासकर भाव के भौतिकवादी फल को। अतः एकादश भाव जो कि लाभ […]

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कुंडली के एकादश भाव में शनि का प्रभाव

कुंडली के एकादश भाव में शनि का प्रभाव 1)कुंडली के एकादश भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम एकादश भाव और शनि के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) ऐसी मान्यता है कि एकादश भाव एक उपचय भाव होता है और नैसर्गिक पापी ग्रह उपचय हाउस में शुभ फल देते हैं। अतः एकादश भाव में स्थित शनि जातक को शुभ रिजल्ट देने में सक्षम होता है। 3) उत्तम स्थिति में एकादश भाव में स्थित शनि जातक को दीर्घायु बनाता है। जातक का स्वास्थ्य उत्तम होता है। जातक बहादुर होता है। जातक निर्भिक होता है। […]

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