कुंडली के दशम भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में केतु का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में केतु के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम हम केतु और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे 2) दशम भाव जातक के प्रोफेशन से संबंधित होता है। दशम भाव में स्थित केतु के कारण जातक का प्रोफेशन उतार चढ़ाव से परिपूर्ण होता है। अपने जीवन में कई प्रकार के प्रोफेशन करता है। जातक का प्रोफेशनल लाइफ परेशानियों से भरा होता है। जातक अपने प्रोफेशन से संतुष्ट नहीं होता है। यदि दशम भाव में स्थित केतु शुभ स्थिति में हो तब बुरे प्रभाव […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में राहु का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में राहु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम राहु और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) दशम भाव जातक की जीविका या प्रोफेशन का भाव होता है। राहु विदेशी वस्तुएं, आधुनिक या अपारंपरिक चीजें, कला से संबंधित, सिनेमा से संबंधित कार्य से संबंधित होता है। अतः दशम भाव में स्थित राहु के कारण जातक कलाकार हो सकता है, लेखक हो सकता है, एक्टर हो सकता है, या कवि भी हो सकता है। दशम भाव में स्थित राहु के कारण जातक कंप्यूटर […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में शनि का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में शनि का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम दशम भाव और शनि के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) शनि काल पुरुष की कुंडली में दशम एवं एकादश भाव का स्वामी है। अतः शनि को कर्म कारक ग्रह माना गया है। शनि की स्थिति दशम भाव में शुभ मानी गई है। साथ ही दशम भाव को एक उपचय हाउस भी माना जाता है। अतः दशम भाव में स्थित शनि अपनी नैसर्गिक कारक में वृद्धि करता है। अतः जातक के प्रोफेशनल लाइफ के लिए उत्तम […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में शुक्र का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में शुक्र का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में शुक्र का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम कुंडली के दशम भाव और शुक्र के कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) दशम भाव जातक के प्रोफेशन से संबंधित होता है। जब शुक्र दशम भाव में हो तब जातक शुक्र से संबंधित प्रोफेशन में होता है। जातक मॉडलिंग, ब्यूटी पार्लर, इंटीरियर डिजाइनर, फैशन इंडस्ट्री, वस्त्र डिजाइनिंग, शिल्पी, कार, ज्वेलरी, कॉस्मेटिक इत्यादि से संबंधित प्रोफेशन में हो सकता है। शुक्र वाहन का भी कारण है अतः जातक वाहन से संबंधित इंडस्ट्री में भी काम कर सकता है। […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में गुरु का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में गुरु का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में गुरु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम गुरु और दशम भाव के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)दशम भाव हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा का कारक भाव है, अतः दशम भाव में स्थित गुरु जातक को समाज में उत्तम मान और सम्मान प्राप्त करवाता है। जातक समाज में धार्मिक व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध होगा। जातक अपने अच्छे संस्कारों के लिए जाना जाएगा। यदि दशम भाव में गुरु पीड़ित हो तब जातक को अच्छी प्रसिद्धि तो प्राप्त होगी, पर जातक के कर्म उत्तम नहीं होंगे और वह अपनी […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में बुध का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में बुध का प्रभाव 1) कुंडली के दशम भाव में बुध का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम दशम भाव और बुध के कारक के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) सामान्यतः कुंडली के दशम भाव में बुध को शुभ नहीं माना जाता है, क्योंकि काल पुरुष की कुंडली में बुध छठे और तीसरे भाव का स्वामी है। अतः दशम भाव में स्थित बुध जातक को प्रोफेशनल लाइफ में बहुत ज्यादा संघर्ष और मेहनत करवाता है। लेकिन हर परिस्थिति में यह सत्य हो ऐसा भी नहीं है। फाइनल रिजल्ट दशम भाव में बुध की स्थिति पर […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में मंगल का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में मंगल का प्रभाव 1) कुंडली के दशम भाव में मंगल का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम दशम भाव और मंगल के कारक के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) मंगल को दशम भाव में नैसर्गिक दिग्बल प्राप्त होता है। साथ ही मंगल काल पुरुष की कुंडली में दशम भाव में उच्च का होता है। दशम भाव में स्थित मंगल उत्तम फल देता है। मंगल शक्ति का कारक ग्रह है, अतः जातक शारीरिक रूप से और बहादुर होगा। जातक कार्यवाही में विश्वास रखने वाला व्यक्ति होगा। जातक ऊर्जावान होगा और किसी भी प्रकार के बहादुरी […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में चंद्रमा का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में चंद्रमा का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में चंद्रमा का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम चंद्रमा और प्रथम भाव के बारे में जानकारी प्राप्त। 2) चंद्रमा दशम भाव में किसी भी प्रकार का दिग्बल नहीं प्राप्त करता है अतः नैसर्गिक रूप से चंद्रमा दशम भाव में शुभ नहीं माना जाता है। 3) दशम भाव प्रोफेशन का कारक भाव है। दशम भाव में स्थित चंद्रमा जातक को चंद्रमा से संबंधित प्रोफेशन देता है। चंद्रमा एक जलीय ग्रह है अतः जातक जल से संबंधित प्रोफेशन में हो सकता है जैसे नेवी, शिपिंग इंडस्ट्रीज, समुद्र से संबंधित कार्य, […]

» Read more

कुंडली के दशम भाव में सूर्य का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में सूर्य का प्रभाव 1) कुंडली के दशम भाव में सूर्य के प्रभाव को जानने से पहले सर्वप्रथम हम सूर्य और दशम भाव के कारक के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। 2)सूर्य दशम भाव में बहुत ही शुभ माना जाता है क्योंकि दशम भाव में सूर्य को दिग्बल की प्राप्ति होती है। 3) दशम भाव को कर्मस्थान माना जाता है । सूर्य के दशम भाव में विराजमान होने के कारण जातक को अपने सभी कार्यों में सफलता मिलती है। जातक मस्तिष्क से बुद्धिमान बहादुर और निडर प्रवृत्ति का होता है। जातक पिछले जन्मों की […]

» Read more