कुंडली के प्रथम भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में केतु का प्रभाव 1)कुंडली के प्रथम भाव में केतु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम प्रथम भाव और केतु के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) प्रथम भाव में स्थित केतु के कारण जातक लंबे कद के व्यक्ति होता है। जातक साफ-सुथरे रंग का व्यक्ति होता है। जातक शारीरिक रूप से कमजोर और दुबला पतला हो सकता है। प्रथम भाव में केतु के कारण जातक शरीर पर या चेहरे पर कट के निशान हो सकते हैं या जातक के किसी भी प्रकार का अंग भंग की संभावना होती है। 3) केतु […]

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कुंडली के प्रथम भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में राहु का प्रभाव 1)कुंडली के प्रथम भाव में राहु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम राहु और प्रथम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) प्रथम भाव में स्थित राहु जातक के शारीरिक बनावट, स्वास्थ्य, मस्तिष्क, स्वभाव और आचार विचार पर गहरा प्रभाव डालता है। जैसा कि हम जानते हैं कि राहु एक छाया ग्रह है, अतः राहु की वास्तविक आकृति किसी भी पौराणिक ग्रंथ में नहीं दी गई है। राहु को धुंया के समान धुंधला कलर वाला और शनि के समान बताया गया है। साथ ही यह माना जाता […]

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कुंडली के प्रथम भाव मे शनि का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में शनि का प्रभाव 1) कुंडली के प्रथम भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम प्रथम भाव और शनि के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) शनि एक नैसर्गिक पापी ग्रह है। प्रथम भाव में शनि का फलादेश करने के लिए सर्वप्रथम हमें कुंडली में शनि की स्थिति पर गौर करना चाहिए। प्रायः शनि किसी भी भाव में उत्तम नहीं माना जाता है क्योंकि यह जिस भाव में बैठेगा उस भाव के शुभ कारको का नाश करता है। शास्त्रों के अनुसार यदि शनि अपनी उच्च राशि में या अपने स्वयं […]

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कुंडली के प्रथम भाव में शुक्र का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में शुक्र का प्रभाव 1)कुंडली के प्रथम भाव में शुक्र के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम हम प्रथम भाव और शुक्र के कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) प्रथम भाव में स्थित शुक्र जातक को मध्यम कद के कारण हो सकता है। जातक आकर्षक व्यक्तित्व वाला और सुंदर चेहरे और नाक नक्श वाला व्यक्ति होगा। जातक की आंखों में एक मनमोहक आकर्षण होगा। जातक अपनी वास्तविक उम्र से कम उम्र का दिखेगा। जातक का शारीरिक कद काठी आकर्षक होगा। 3) प्रथम भाव में स्थित शुक्र के कारण जातक आकर्षक व्यक्तित्व का होता है […]

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कुंडली के प्रथम भाव में गुरु का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में गुरु का प्रभाव 1)कुंडली के प्रथम भाव में गुरु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम गुरु और प्रथम भाव के कारक के विषय में अध्ययन करेंगे। 2) प्रथम भाव में गुरु जातक को लंबे कद का, साफ सुथरा रंग का तथा आकर्षक व्यक्तित्व का मालिक बनाता है। जातक उत्तम स्वास्थ्य वाला तथा हेल्थी शरीर वाला व्यक्ति होगा। उसके चेहरे पर उसकी सत्य निष्ठा और विश्वास की झलक होगी। ‌ 3) प्रथम भाव में स्थित गुरु को महान ज्योतिष पवित्र गंगा जल की तरह मानते हैं। जिस प्रकार गंगाजल में सभी प्रकार के पापों का […]

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कुंडली के प्रथम भाव में बुध का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में बुध का प्रभाव 1) कुंडली के प्रथम भाव में बुध का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम प्रथम भाव और बुध के कारक के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) प्रथम भाव में स्थित बुध जातक को सुंदर और आकर्षक व्यक्तित्व का स्वामी बनाता है। जातक के त्वचा पर नैसर्गिक चमक होगी। जातक मध्यम कद का व्यक्ति हो सकता है। जातक अपनी से कम उम्र का व्यक्ति प्रतीत होगा । बुध को ग्रहों में युवराज की उपाधि प्राप्त है, अतः जातक प्रिंस के समान व्यक्तित्व वाला हो सकता है। जातक परफेक्ट बॉडी शारीरिक बनावट वाला […]

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कुंडली के प्रथम भाव में मंगल का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में मंगल का प्रभाव 1)कुंडली के प्रथम भाव में मंगल का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम मंगल और प्रथम भाव के कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) मंगल एक शुष्क ग्रह है अतः प्रथम भाव में अवस्थित मंगल जातक को दुबला पतला शारीरिक बनावट बाला बनाता है, लेकिन आदमी दुबला पतला होता हुआ अभी शारीरिक संरचना कसरती बॉडी के समान होगी। 3) प्रथम भाव में अवस्थित मंगल जातक को उत्तम शारीरिक क्षमता देता है। जातक साफ सुथरा और रक्त के समान लालिमा युक्त रूप वाला व्यक्ति बनाता है जातक देखने में आकर्षक और […]

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कुंडली के प्रथम भाव में चंद्रमा का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में चंद्रमा का प्रभाव 1)कुंडली के प्रथम भाव में चंद्रमा का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम चंद्रमा और प्रथम भाव के कारक के भाव में बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) प्रथम भाव में स्थित चंद्रमा जातक के शारीरिक रूप रंग स्वास्थ्य और मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है। 3) प्रथम भाव स्थित चंद्रमा के कारण जातक छोटे कद का हो सकता है। उसका रूप रंग साफ और देखने में सुंदर हो सकता है । जातक थोड़ा सा हेल्थी शरीर वाला हो सकता है। 4) चंद्रमा जलीय प्रकृति का ग्रह है अतः प्रथम भाव में स्थित चंद्रमा […]

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कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य का फल

कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य का फल 1) सूर्य के प्रथम भाव में प्रभाव को जानने से पहले हमें सूर्य और प्रथम‌ भाव के बारे में जानना होगा। 2) प्रथम भाव हमारे शारीरिक बनावट से संबंधित है। सूर्य एक शुष्क ग्रह, लाल रंग तथा अल्प केश होता है। इसलिए जब सूर्य प्रथम भाव में होता है तो जातक मूलतः दुबला पतला और लंबा देखने वाला हो सकता है। जातक के अल्प केस और शारीरिक रंग रूप में लालिमा लिए हुए हो सकता है। जातक के व्यक्तित्व में स्वभाविक रूप से नैसर्गिक चमक और चुंबकीय आकर्षण होता है। 3) प्रथम […]

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