कुंडली के अष्टम भाव में दशमेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में दशमेश का प्रभाव 1)कुंडली के अष्टम भाव में दशमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। अष्टम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का तृतीय भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) अष्टम भाव और दशम भाव एक दूसरे से त्रि एकादश संबंध बनाते हैं। त्रि एकादश संबंध शुभ संबंध माना जाता है, लेकिन अष्टम भाव एक दु:स्थान है। अतः […]

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कुंडली के दशम भाव में सप्तमेश का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में सप्तमेश का प्रभाव 1) कुंडली के दशम भाव में सप्तमेश का प्रभाव जानने से पहले हम सप्तम भाव और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। सप्तम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से चतुर्थ भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का चतुर्थ भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)सप्तम भाव दशम भाव का भावत भावम भाव होता है। अतः सप्तम भाव का स्वामी दशम भाव में स्थित हो तब दशम भाव को नैसर्गिक बल प्राप्त होता है। 3) दशम […]

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कुंडली के दशम भाव में षष्ठेश प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में षष्ठेश प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में षष्ठेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम दशम भाव और छठे भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। छठा भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का पंचम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)छठा भाग दुः स्थान होता है। छठा भाव का स्वामी दशम भाव में स्थित हो तब यह शुभ नहीं माना जा सकता है, क्योंकि एक दुःस्थान का स्वामी कुंडली के सबसे पावरफुल […]

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कुंडली के दशम भाव में पंचमेश का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में पंचमेश का प्रभाव 1) कुंडली के दशम भाव में पंचमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम दशम भाव और पंचम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। पंचम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से छठे स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का छठे भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)पंचम भाव का स्वामी दशम भाव में बहुत ही शुभ माना जाता है, क्योंकि पंचम भाव यानी लक्ष्मी स्थान का संबंध दशम भाव यानी कि विष्णु स्थान से बनता है। 3) […]

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कुंडली के दशम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में चतुर्थेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चतुर्थ भाव और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। चतुर्थ भाव का स्वामी स्वयं के भाव से सप्तम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का सप्तम भाव में क्या फल होता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)चतुर्थ भाव शिक्षा से संबंधित होता है। यदि चतुर्थ भाव का स्वामी दशम भाव में स्थित हो तब जातक अपने शैक्षणिक योग्यता के बदौलत अपने प्रोफेशन में सफलता प्राप्त कर सकता है। […]

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कुंडली के दशम भाव में तृतीयेश का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में तृतीयेश का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में तृतीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। तृतीय भाव का स्वामी स्वयं के भाव से अष्टम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का अष्टम भाव में क्या फल होता है, हम उसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे 2) तृतीय भाव और दशम भाव दोनों उपचय हाउस है। एक उपचय भाव के स्वामी का दूसरे उपचय भाव में स्थित होना, दोनों भाव के नैसर्गिक कारक मे वृद्धि करेगा। अतः […]

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कुंडली के दशम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव 1) कुंडली के दशम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम द्वितीय भाव और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। द्वितीयेश स्वंय के भाव से नवम भाव में स्थित है अतः हम प्रथम भाव के स्वामी का नवम भाव में क्या प्रभाव होता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव धन का भाव होता है, दशम भाव कर्म का भाव होता है। यदि द्वितीयेश दशम भाव में स्थित हो तब जातक अपने कर्मों की बदौलत धन अर्जित करेगा या हम […]

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कुंडली के दशम भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में केतु का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में केतु के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम हम केतु और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे 2) दशम भाव जातक के प्रोफेशन से संबंधित होता है। दशम भाव में स्थित केतु के कारण जातक का प्रोफेशन उतार चढ़ाव से परिपूर्ण होता है। अपने जीवन में कई प्रकार के प्रोफेशन करता है। जातक का प्रोफेशनल लाइफ परेशानियों से भरा होता है। जातक अपने प्रोफेशन से संतुष्ट नहीं होता है। यदि दशम भाव में स्थित केतु शुभ स्थिति में हो तब बुरे प्रभाव […]

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कुंडली के दशम भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में राहु का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में राहु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम राहु और दशम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) दशम भाव जातक की जीविका या प्रोफेशन का भाव होता है। राहु विदेशी वस्तुएं, आधुनिक या अपारंपरिक चीजें, कला से संबंधित, सिनेमा से संबंधित कार्य से संबंधित होता है। अतः दशम भाव में स्थित राहु के कारण जातक कलाकार हो सकता है, लेखक हो सकता है, एक्टर हो सकता है, या कवि भी हो सकता है। दशम भाव में स्थित राहु के कारण जातक कंप्यूटर […]

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कुंडली के दशम भाव में शनि का प्रभाव

कुंडली के दशम भाव में शनि का प्रभाव 1)कुंडली के दशम भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम दशम भाव और शनि के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) शनि काल पुरुष की कुंडली में दशम एवं एकादश भाव का स्वामी है। अतः शनि को कर्म कारक ग्रह माना गया है। शनि की स्थिति दशम भाव में शुभ मानी गई है। साथ ही दशम भाव को एक उपचय हाउस भी माना जाता है। अतः दशम भाव में स्थित शनि अपनी नैसर्गिक कारक में वृद्धि करता है। अतः जातक के प्रोफेशनल लाइफ के लिए उत्तम […]

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