कुंडली के द्वितीय भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में केतु का प्रभाव 1)कुंडली के द्वितीय भाव में केतु के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम हम केतु और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव में स्थित केतू के कारण जातक रुखा वचन बोलने वाला हो सकता है। जातक किसी भी व्यक्ति के अंदरूनी सच्चाई को अपने रुखे और अप्रिय तरीके से उजागर कर देता है। जातक कड़वी सच्चाई को भी बताने में जरा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाता है। द्वितीय भाव में स्थित केतु के कारण जातक दूसरे की गलतियों को बताने में जरा भी समय नहीं […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में राहु का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में राहु का प्रभाव 1)कुंडली के द्वितीय भाव में राहु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम राहु और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) राहु के द्वितीय भाव में स्थित होने से जातक मीठा वचन बोलता है। वह अपने लुभावनी वचनों से लोगों को छल करने की नियत रखता है। जातक झूठा वचन बोलने वाला व्यक्ति होगा, लेकिन वह झूठ को भी बड़ी ही सफाई से बोलेगा। 3) द्वितीय भाव में स्थित राहु के कारण जातक अफवाह फैलाने में माहिर होगा। जातक अपने वचन का पक्का नहीं होगा। जातक […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में शनि का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में शनि का प्रभाव 1) कुंडली के द्वितीय भाव में शनि का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम शनि और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव में स्थित शनि के कारण जातक रुखा वचन बोलने वाला व्यक्ति हो सकता है। शनि भेद नीति का कारक है, अतः जातक अपनी वाणी के द्वारा विवाद या दूसरों का क्रिटिसाइज करने में वाला हो सकता है। जातक का यह आचरण जातक को परेशानी में या विवादों में डालने वाला हो सकता है। 3) शनि की दृष्टि नीच प्रवृत्ति की होती है, शनि […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में शुक्र का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में शुक्र का प्रभाव 1) कुंडली के द्वितीय भाव में शुक्र का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम कुंडली के द्वितीय भाव और शुक्र के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) कुंडली में द्वितीय भाव में स्थित शुक्र जातक को मधुर वचन बोलने वाला और प्रसन्न चित्त मस्तिष्क वाला व्यक्ति बनाता है। जातक की वाणी मधुर होगी अतः वह संगीत या गायन में उत्तम हो सकता है। जातक में एक अच्छा कवि बनने के गुण होंगे। जातक किसी भी मैटर को बातचीत कर और शांति पूर्वक समझाने में विश्वास रखता होगा। शुक्र के कारण द्वितीय भाव […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में गुरु का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में गुरु का प्रभाव 1) कुंडली के द्वितीय भाव में गुरु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम गुरु और द्वितीय भाव के कारक के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव में स्थित गुरु के कारण जातक मधुर वचन और प्रिय वचन बोलने वाला व्यक्ति होता है। जातक एक उत्तम वक्ता होता है।उसकी वाणी से उसकी बुद्धिमता की झलक मिलती है । जातक में ओरल लर्निंग सीखने की अच्छी क्षमता होती है। जातक एक अच्छा कवि, एक अच्छा ज्योतिषी और एक अच्छा वक्ता हो सकता है। जातक एक अच्छा लेखक या अच्छा वैज्ञानिक हो […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में बुध का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में बुध का प्रभाव 1)कुंडली के द्वितीय भाव में बुध के प्रभाव को जानने के लिए सर्वप्रथम द्वितीय भाव और बुध के कारक के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) बुध को वाणी का कारक ग्रह माना गया है, अतः जातक को उत्तम वचन बोलने वाला व्यक्ति होगा। जातक उत्तम वक्ता होगा । वह बोलने में बुद्धिमान होगा । उसकी वाणी में मीठा पन होगा। वह उत्तम तर्कशक्ति से परिपूर्ण होगा। वह अपनी दार्शनिक विचारधारा प्रस्तुत करेगा। जातक एक उत्तम कवि या गायक हो सकता है। उसकी सीखने की क्षमता खासकर ओरल लर्निंग क्वालिटी बहुत ही उत्तम […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में मंगल का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में मंगल का प्रभाव 1) कुंडली के द्वितीय भाव में मंगल का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम द्वितीय भाव और मंगल के कारक के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव वाणी, धन, चेहरे , परिवार , नेत्र का कारक भाव है। मंगल एक तामसिक ग्रह है। मंगल उग्रता, क्रूरता, हिंसा का कारक ग्रह है। साथ ही यह बहादुरी, धैर्य और एक्शन का भी कारक ग्रह है। 3)द्वितीय भाव में स्थित मंगल के कारण जातक तेजी से और जल्दी-जल्दी बोलने वाला व्यक्ति हो सकता है। उसकी यह हड़बड़ाहट जातक के लिए परेशानी खड़ी कर […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा का प्रभाव 1)कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम चंद्रमा और द्वितीय भाव के कारक के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। 2) द्वितीय भाव हमारे संचित धन, वाणी, रूप और रंग, चेहरा, आंखों और परिवार के बारे में बताता है। चंद्रमा अपने नैसर्गिक कार्यकर्ता के आधार पर द्वितीय भाव को प्रभावित करता है। 3) द्वितीय भाव में चंद्रमा जातक को आकर्षक व्यक्तित्व वाला और चेहरे पर नैसर्गिक तेज वाला व्यक्ति बनाता है। 4) द्वितीय भाव का कारक होता है अतः द्वितीय भाव का चंद्रमा के जातक आंखों में […]

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कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में सूर्य का प्रभाव 1) सूर्य के द्वितीय भाव में प्रभाव जानने के पहले आप एक बार सूर्य और द्वितीय भाव के कार्यक्रम के बारे में जानकारी जरूर प्राप्त कर ले । 2)सूर्य द्वितीय भाव में हमारी वाणी हमारे चेहरे और हमारे संचित धन और परिवार या फैमिली  पर प्रभाव डालता है । 3)सूर्य एक नैसर्गिक क्रूर ग्रह है और ज्योतिष के शास्त्रों के अनुसार सूर्य में सूर्य द्वितीय भाव में अच्छा नहीं माना जाता है । यह हमारी वाणी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है । सूर्य देव ग्रहों के राजा हैं अतः जातक के स्वर […]

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