कुंडली के पंचम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव

कुंडली के पंचम भाव में द्वितीयेश का प्रभाव 1) कुंडली के पंचम भाव में द्वितीय का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम पंचम भाव और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव धन से संबंधित होता है, पंचम भाव जातक के पिछले जन्म के पुण्य से संबंधित होता है। यदि द्वितीय भाव का स्वामी पंचम भाव में स्थित हो तब जातक धन के मामले में भाग्यशाली होता है। क्योंकि पिछले जन्म के पुण्य को कारण जातक को आसानी से धन से संबंधित कार्यों में सफलता प्राप्त हो जाती है। जातक अपने पैतृक संपत्ति […]

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