कुंडली के षष्ठम भाव मे पंचमेश का प्रभाव

कुंडली के षष्ठम भाव मे पंचमेश का प्रभाव 1) कुंडली के षष्ठम भाव मे पंचमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम षष्टम भाव और पंचम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। पंचम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से द्वितीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का द्वितीय भाव में क्या फल होता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) पंचम भाव का स्वामी छठे भाव में शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि छठा भाव दु:स्थान होता है और पंचम भाव शुभ स्थान होता है। साथ ही ऐसा माना जाता […]

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