कुंडली के अष्टम भाव में षष्ठेश का प्रभाव

कुंडली के अष्टम भाव में षष्ठेश का प्रभाव 1) कुंडली के अष्टम भाव में षष्ठेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम अष्टम भाव और छठे भाव का नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। छठा भाव का स्वामी स्वयं के भाव से तृतीय स्थान में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का तृतीय भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2)छठा भाव रोग से संबंधित होता है। अष्टम भाव लाइलाज बीमारी से संबंधित होता है। यदि छठा भाव का स्वामी अष्टम भाव में स्थित हो तब जातक लाइलाज बीमारी से […]

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