कुंडली के चतुर्थ भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में नवमेश का प्रभाव 1) कुंडली के चतुर्थ भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम नवम भाव और चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से अष्टम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का अष्टम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) नवम भाव भाग्य स्थान होता है। चतुर्थ भाव सुख स्थान होता है। अतः चतुर्थ भाव नवम भाव से अष्टम भाव होता है, चतुर्थ और नवम भाव एक दूसरे से […]

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