कुंडली के प्रथम भाव में नवमेश का प्रभाव

कुंडली के प्रथम भाव में नवमेश का प्रभाव 1) कुंडली के प्रथम भाव में नवमेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम प्रथम भाव और नवम भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करते हैं। नवम भाव का स्वामी स्वयं के भाव से पंचम भाव में स्थित है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का नवम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। 2) नवम भाव और प्रथम भाव एक दूसरे से नव पंचम संबंध स्थापित करते हैं, जो कि एक उत्तम संबंध माना जाता है। नवम भाव भाग्य का कारक […]

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