कुंडली के द्वितीय भाव में गुरु का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में गुरु का प्रभाव 1) कुंडली के द्वितीय भाव में गुरु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम गुरु और द्वितीय भाव के कारक के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) द्वितीय भाव में स्थित गुरु के कारण जातक मधुर वचन और प्रिय वचन बोलने वाला व्यक्ति होता है। जातक एक उत्तम वक्ता होता है।उसकी वाणी से उसकी बुद्धिमता की झलक मिलती है । जातक में ओरल लर्निंग सीखने की अच्छी क्षमता होती है। जातक एक अच्छा कवि, एक अच्छा ज्योतिषी और एक अच्छा वक्ता हो सकता है। जातक एक अच्छा लेखक या अच्छा वैज्ञानिक हो […]

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