कुंडली के तृतीय भाव में गुरु का प्रभाव

कुंडली के तृतीय भाव में गुरु का प्रभाव 1) कुंडली के तृतीय भाव में गुरु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम तृतीय भाव और गुरु के कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) तृतीय भाव शुभ उपग्रह अच्छा नहीं माना जाता है। तृतीय भाव में गुरु अस्त माना गया है। गुरु मृदु स्वभाव और नरम आचरण का कारक ग्रह है। तृतीय भाव में स्थित गुरु जातक के साहस में कमी करता है। जातक अपमान का सामना कर सकता है। जातक दूषित विचारों वाला और पाप कर्मों में लिप्त हो सकता है। 3) तृतीय भाव में स्थित गुरु जातक […]

» Read more