कुंडली के चतुर्थ भाव में केतु का प्रभाव

कुंडली के चतुर्थ भाव में केतु का प्रभाव 1) कुंडली के चतुर्थ भाव में केतु का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम केतु और चतुर्थ भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) चतुर्थ भाव माता का कारक भाव होता है और केतु एक पाप ग्रह है। अतः साधारण रूप से हम कह सकते हैं कि चतुर्थ भाव में स्थित केतु माता के लिए शुभ नहीं होता है। जातक और उसकी माता के बीच मतभेद या वैचारिक भिन्नता हो सकती है। जातक अपनी माता से अलगाव का सामना कर सकता है। जातक अपनी माता से दूर देश […]

» Read more