उत्तराषाढ़ नक्षत्र

उत्तराषाढ़ नक्षत्र

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1) 21th नक्षत्र

2) अंग्रेजी नाम- σ (सिग्मा) Sagittarii

3)नक्षत्र स्थिति- 26 डिग्री 40मिनट धनु से 10 डिग्री मकर राशी मे

4) राशि स्वामी -प्रथम पद के राशि स्वामी बृहस्पति और अंतिम 3पद के राशि स्वामी शनि है।

5) विशोंतरी दशा स्वामी – सूर्य

6) देवता – दस विश्वदेवा(भगवान धर्म और देवी विश्वा का बेटा)

7) प्रतीक – हाथी दाँत

8) इस नक्षत्र को भगवान गणेश से भीे संबंधित माना जाता है।

9) वर्ण – क्षत्रिय लेकिन कुण्डली मिलान मे प्रथम पद क्षत्रिय है और अंतिम 3पद वैश्य विचार किया जाता है।

10)वश्य – चतुष्पद

11) गण- मानव

12) योनि- नकुल

13)योनि वैर – सर्प

14) नाडी- अंत्य

15) गतिविधि- संतुलित

16)प्रकृति – संहारक

17) प्रकृति- धुर्व

18) गुण – राजसिक (रजोगुण)

19) दिशा – ऊपर की ओर

20) लिंग- स्त्री लिंग

22) दोष – कफ

23)तत्व –  वायु तत्व

24) शुभ रंग – ताम्र वर्ण

25)वर्ण – भे, भो,जा, जी

26)सबसे विनाशकारी नक्षत्र – विशाखा

27) सबसे सहज नक्षत्र – उत्तराषाढ़

28)सबसे असहज नक्षत्र – रोहणी, मृगशिरा

29)विपत्त नक्षत्र – मंगल ग्रह द्वारा शासित नक्षत्र–धनिष्ठा, मृगशिरा, चित्रा

30)प्रत्यारी नक्षत्र  – बृहस्पति द्वारा शासित नक्षत्र- पूर्वभाद्रपद, पुनर्वसु, विशाखा

31)बाधा नक्षत्र -बुध द्वारा शासित नक्षत्र  – रेवती, अश्लेषा,ज्येष्ठा

32) मित्र नक्षत्र -केतु और शुक्र द्वारा शासित नक्षत्र – अश्विनी, भरणी, माघा, पूर्वफाल्गुनी,मूला, पूर्वाषाढ़ा

33) व्यवहार -दस विश्वदेवा नक्षत्र के देवता है अतः वे सभी बाधाओं को दूर करने मे सक्षम, सत्यवादी, प्रतिभाशाली, कुशल, क्षमा करने वाले, आकर्षक,दयालु होते है।
सूर्य दशा स्वामी है अतः वे (कुछ समय) आक्रामक, प्रशासनिक क्षमता,माडर्न, रॉयल, नेतृत्व क्षमता,ईमानदार होते है।
शनि और बृहस्पति राशी स्वामी है अतः वै आध्यात्मिक क्षमता वाले,लक्ष्य या उपलब्धि के लिए परिश्रमी, व्यावहारिक प्रकृति के होते है।
इसके अलावा वे आलसी लेकिन बुद्धिमान होते हैं, कार्य मे कुशल,कार्य मे पूर्णतः अपने आप को झोंकने वाले, अपने भावना को मृदु तरीके से व्यक्त करने की क्षमता होती है। वे सलाहकार प्रकृति के,पाखंड से नफरत करने वाले,मृदुभाषी, शुद्ध हृदय वाले और सहायक होते है। वे (वायु प्रकृति के कारण) कई दोस्त होते है। वे अन्य द्वारा अपने कीये गये उपकार की वापसी पाते है और लोगो द्वारा पसंद कीये जाते है।

33) पेशे – वास्तुशिल्पकार, इंजीनियरिंग, उद्योग, मैकेनिकल नौकरियों, सेना, प्रशासन, राजनीति, आध्यात्मिक, हीलिंग।

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