कुंडली के द्वितीय भाव में षष्ठेश का प्रभाव

कुंडली के द्वितीय भाव में षष्ठेश का प्रभाव 1)कुंडली में द्वितीय भाव में षष्ठेश का प्रभाव जानने के लिए सर्वप्रथम हम छठे भाव और द्वितीय भाव के नैसर्गिक कारक के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे। छठे भाव का स्वामी स्वयं के भाव से नवम स्थान में है, अतः प्रथम भाव के स्वामी का नवम भाव में क्या फल होता है, हम इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। 2) छठा भाव दुःस्थान होता है, जो जातक के जीवन में परेशानियों और बाधाओं का कारक होता है। यदि छठे भाव का स्वामी द्वितीय भाव में स्थित हो तब यह धन के […]

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